NPA में कमी, माइक्रो एटीएम की सक्रियता, भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड के मानकों का अनुपालन एवं ऋण वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश। सहकारिता मंत्री ने भागलपुर एवं तिरहुत प्रमंडल की विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।
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सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में आज भागलपुर एवं तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में धान अधिप्राप्ति एवं CMR आपूर्ति, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, सहकारी गोदाम निर्माण, PACS के डिजिटलीकरण, KCC ऋण, ‘सहकारिता में सहकार’, DMA/Bank Mitra, जन औषधि केन्द्र, जन वितरण प्रणाली तथा सहकारी बैंकों से संबंधित नियामकीय अनुपालन की समीक्षा की गई।
लापरवाही पर सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों की तय होगी जवाबदेही
सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि NPA को कम करने में अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले, माइक्रो एटीएम (mATM) को क्रियाशील करने में पीछे रहने वाले, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एवं NABARD के मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले तथा ऋण वितरण में अनियमितता पाए जाने वाले सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने सहकारी बैंकों में वित्तीय अनुशासन, नियामकीय अनुपालन एवं पारदर्शी ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मोतिहारी, मुजफ्फरपुर एवं भागलपुर जिला सहकारी बैंकों को विशेष रूप से लंबित बिंदुओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
“सहकारी बैंकों में बैंक मित्र योजना को सफल बनाएँ” — सहकारिता मंत्री
मंत्री ने बैंक मित्र योजना को प्रभावी बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए। कैम्प लगाकर सहकारी बैंकों में अधिकाधिक खाते खुलवाने तथा माइक्रो एटीएम के माध्यम से ‘सहकारिता में सहकार’ की भावना को मजबूत करने का कार्य किया जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि शेष स्वीकृत माइक्रो एटीएम को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराते हुए क्रियाशील किया जाए तथा प्रत्येक DMA/Bank Mitra के माध्यम से प्रतिमाह न्यूनतम 100 खाते खोलने का लक्ष्य सुनिश्चित किया जाए।
पैक्स द्वारा खरीद में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई, क्षेत्रीय पदाधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
मंत्री ने धान अधिप्राप्ति में पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैक्स द्वारा धान खरीद में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों की भी जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। पदाधिकारियों की संलिप्तता की प्रत्येक स्तर पर जांच कर नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन में तेजी, लेन-देन बढ़ाने का निर्देश
सहकारी समितियों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की समीक्षा करते हुए मंत्री ने इसके संचालन कार्य को गति देने तथा स्थानीय लोगों में CSC के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से CSC पर लेन-देन बढ़ाया जाए और डिजिटल सहकारी सेवाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
धान अधिप्राप्ति में 99 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में भागलपुर प्रमंडल के भागलपुर एवं बांका जिलों में 1,55,881 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 1,55,723.80 मीट्रिक टन (99.8%) धान की अधिप्राप्ति की गई। इसके समतुल्य 1,06,277.10 मीट्रिक टन चावल में से 1,05,619.70 मीट्रिक टन राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है।
तिरहुत प्रमंडल में 4,77,346 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 4,75,647.37 मीट्रिक टन (99.64%) धान की अधिप्राप्ति हुई है। 3,22,815.50 मीट्रिक टन समतुल्य चावल में से 3,13,502.14 मीट्रिक टन राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष CMR की आपूर्ति शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
लंबित योजनाओं को समयबद्ध पूरा करें
गोदाम निर्माण एवं अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन एवं लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। भागलपुर प्रमंडल में वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 25 गोदामों में 15 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि तिरहुत प्रमंडल में वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 56 गोदामों में 41 पूर्ण हो चुके हैं।
अन्य सहकारी गतिविधियों की भी समीक्षा
बैठक में वेजफेड की आधारभूत संरचना एवं व्यवसाय, शहद एवं उपभोक्ता समितियों, PACS में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र, जन वितरण प्रणाली तथा प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों की भी समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं के अंकेक्षण, वित्तीय अनुशासन, नियामकीय अनुपालन तथा वास्तविक प्रगति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, भागलपुर एवं तिरहुत प्रमंडल तथा मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।


