शिक्षकों की एआई साक्षरता और क्षमता विकास के लिए हिंदी-अंग्रेजी में प्रशिक्षण का प्रस्ताव। जेमिनी और नोटबुक एलएम के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के साथ डिजिटल शिक्षण वातावरण विकसित करने पर जोर। डिजिटल आईडी, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं के विकास में मिलेगा तकनीकी सहयोग।
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बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार और गूगल एलएलसी के बीच एआई सशक्तीकरण एवं आधारभूत संरचना सहयोग के लिए स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (एसओआई) पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए गए।
सहयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य के शिक्षकों की एआई साक्षरता एवं क्षमता का विकास करना तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में आधुनिक डिजिटल और एआई तकनीकों के प्रभावी उपयोग के लिए अनुकूल डिजिटल वातावरण तैयार करना है। इसके तहत गूगल एआई एजुकेटर सीरीज के माध्यम से शिक्षकों को हिंदी और अंग्रेजी में स्थानीय संदर्भों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित प्रशिक्षण में शिक्षकों को जेमिनी और नोटबुक एलएम जैसे गूगल के एआई उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग से परिचित कराया जाएगा। पाठ योजना तैयार करने, शिक्षण पद्धति बेहतर बनाने और प्रशासनिक कार्यों में एआई के उपयोग के साथ इसे शिक्षण-सहायक और ट्यूटर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए शिक्षकों की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
डिजिटल शिक्षण वातावरण होगा विकसित
एसओआई के तहत बिहार के शिक्षकों के लिए डिजिटल आईडी, गूगल एआई उपकरणों तक सुरक्षित एवं व्यक्तिगत पहुंच तथा गूगल फॉर एजुकेशन तंत्र के तकनीकी एकीकरण में सहयोग का प्रस्ताव है। आईसीटी लैब, कनेक्टेड क्लासरूम, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं जैसे डिजिटल शिक्षण वातावरण के विकास के लिए तकनीकी परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। गूगल एआई एजुकेटर सीरीज इंडिया के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण, दक्षता आधारित आकलन तथा एआई साक्षरता और शिक्षण पद्धति में जेमिनी एआई के एकीकरण पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों के लिए हाइब्रिड प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
स्थानीय स्तर पर अनुभव साझा करेंगे शिक्षक
सहयोग के तहत गूगल एजुकेटर ग्रुप्स के विकास को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। ये समूह स्थानीय स्तर पर सहकर्मी-अधिगम और एआई आधारित शिक्षण के उपयोगी उदाहरण साझा करने के मंच के रूप में कार्य कर सकते हैं। राज्य सरकार की ओर से आवश्यक समन्वय, शिक्षकों की भागीदारी और प्रशिक्षण के लिए जरूरी आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। विभाग की ओर से कहा गया कि शिक्षकों को उभरती एआई और डिजिटल तकनीकों से जोड़ना शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा, निदेशक मनोरंजन कुमार, संयुक्त निदेशक मंजीत कुमार, गूगल फॉर एजुकेशन के इंडिया हेड संजय जैन, गूगल फॉर एजुकेशन की नीति वर्मा और ईस्ट इंडिया के लिए गूगल फॉर एजुकेशन के पार्टनर दिव्यम सहित संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


