पटना: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को पटना के राम नगरी कॉलोनी सेक्टर-2 में पहली बार ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। करीब चार दशक पहले अस्तित्व में आई इस कॉलोनी के इतिहास में यह पहला अवसर था जब लगभग 50 परिवारों और करीब 500 की आबादी वाली कॉलोनी के निवासियों ने सामूहिक रूप से स्वतंत्रता दिवस मनाया। कॉलोनी के सबसे वरिष्ठ निवासी 90 वर्षीय अवध बिहारी पाठक ने तिरंगा फहराया। इसके बाद समारोह में मौजूद करीब 300 निवासियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और राष्ट्रगान गाया। इस दौरान बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने एक साथ राष्ट्रगान में हिस्सा लिया। गर्म और उमस भरे मौसम के बावजूद समारोह में लोगों का उत्साह बना रहा।

स्वतंत्रता से नागरिक जिम्मेदारी तक
ध्वजारोहण के बाद रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी (RWS) की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें निवासियों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर अपने विचार साझा किए तथा देशभक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया। RWS के संरक्षक जगदीश उपाध्याय ने कहा कि कॉलोनी की स्थापना 1980 के दशक के आखिर में कुछ घरों के साथ हुई थी और आज यहां करीब 500 लोग रहते हैं, लेकिन स्वतंत्रता दिवस का सामूहिक आयोजन पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन केवल एक राष्ट्र के रूप में हमारी यात्रा को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी अवसर है।
भारत की ताकत केवल उसकी राष्ट्रीय संस्थाओं में नहीं, बल्कि मजबूत और जुड़े हुए समुदायों में भी है, जहां लोग एक साथ आते हैं, अपने आसपास की जिम्मेदारी लेते हैं और साझा हित के लिए काम करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक स्नेह प्रभा और युवा चिकित्सक मधु कुमारी ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। युवा प्रतिभागियों स्वास्तिका परमार और यावना प्रकाश ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मनोरंजन किया।
नागरिक सुविधाओं पर सामूहिक पहल
समारोह के दौरान RWS की ओर से कॉलोनी में पिछले कुछ महीनों में किए गए कार्यों की जानकारी भी निवासियों को दी गई। RWS के सचिव अंजनी शर्मा ने बताया की गैस का कनेक्शन उपलब्ध कराना, नियमित सड़क सफाई और मच्छररोधी फॉगिंग को बेहतर करने के लिए कई पहल की गई हैं। इनमें प्रत्येक घर पर मकान संख्या प्लेट लगाना, कॉलोनी का साइनबोर्ड लगाना, क्षतिग्रस्त मैनहोल की मरम्मत, छूटे हुए घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस का कनेक्शन उपलब्ध कराना, नियमित सड़क सफाई और मच्छररोधी फॉगिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में CCTV कैमरे लगाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
शर्मा ने कहा कि ये प्रयास केवल नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवासियों को समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के भी प्रयास हैं। स्वतंत्रता तभी सार्थक है जब नागरिक अपने आसपास को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं और साझा हित में योगदान दें।
विदेश में रहने वाले निवासी के लिए भावुक क्षण
समारोह में कुछ ऐसे बिहारी भी शामिल हुए जो अब राज्य से बाहर रहते हैं और अपने परिवारों से मिलने पटना आए थे। लंदन में काम करने वाले विभाष झा हाल ही में अपने माता-पिता के साथ कुछ सप्ताह बिताने के लिए पटना आए हैं। बचपन राम नगरी कॉलोनी में बिताने वाले झा ने समारोह में शामिल होकर पुरानी यादें ताजा होने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह वही कॉलोनी है जहां हमने अपना बचपन बिताया, सड़कों और खुले मैदान में क्रिकेट खेला। सामान्य दिनों और त्योहारों में हम अलग-अलग घरों में भी जाया करते थे।
उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी निवासियों के बीच ऐसी एकजुटता देखकर उन्हें गर्व महसूस होता है। उनके अनुसार, एकजुटता, साझा मूल्यों के प्रति सम्मान और एक-दूसरे की चिंता की यही भावना भारत को वास्तव में महान बनाती है और यही सामुदायिक भावना दुनिया में कहीं भी रहने के बावजूद हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है। समारोह के दौरान निवासियों के बीच पारंपरिक स्वतंत्रता दिवस की मिठाई जलेबी के साथ कचौरी और गुलाब जामुन भी वितरित किए गए।
‘यात्रा अभी शुरू हुई है’
कार्यक्रम का समापन RWS के संरक्षक और वरिष्ठ अधिवक्ता एमपी दीक्षित के संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि यह कॉलोनी के इतिहास का यादगार क्षण है। ऐसे आयोजनों के साथ राम नगरी कॉलोनी सेक्टर-2 धीरे-धीरे एक आदर्श समाज का रूप ले रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा अभी शुरू हुई है और प्रत्येक निवासी की निरंतर भागीदारी और सहयोग से एक स्वच्छ, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण पड़ोस बनाया जा सकता है। आइए, इस भावना को आगे बढ़ाएं और सामुदायिक जीवन को केवल एक आकांक्षा नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी बनाएं। चार दशक पुरानी कॉलोनी में पहली बार हुआ यह आयोजन महज एक औपचारिक समारोह नहीं रहा। तिरंगे के नीचे अलग-अलग पीढ़ियों का एक साथ आना इस बात का संकेत भी रहा कि राम नगरी कॉलोनी में सामुदायिक जीवन और नागरिक जिम्मेदारी की भावना अब एक नए रूप में आकार ले रही है।


