चुनाव आयोग भाजपा गठजोड़ के खिलाफ लोकतंत्र बचाने के लिए आंदोलन किया जाएगा; जब लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब : तेजस्वी प्रसाद यादव। बिहार में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई महागठबंधन की ओर से जाएगा दिनांक 07 अक्टूबर को प्रखंड मुख्यालय पर आक्रोश मार्च, दिनांक 08 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना और उसी दिन पटना में नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में राज भवन मार्च किया जाएगा।
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने एक पोलो रोड में अपने निवास पर महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में महागठबंधन की बैठक में वह निर्णय के अनुसार नरेंद्र मोदी- अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता के के द्वारा जिस तरह से लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश की गई है। उसके खिलाफ देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती से 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम तय किए गया था। उसी के अंतर्गत दिनांक 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के चुनाव आयोग के समक्ष लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों का लोकतंत्र बचाओ मार्च किया जाएगा और 15 अक्टूबर के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया से मिलने का समय निर्धारित होने पर उनसे महागठबंधन के नेता मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।
इन्होंने आगे कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता भाजपा के कठपुतली बने हुए हैं और जिस तरह से एसआईआर के माध्यम से जीवित लोगों का नाम भी मृतकों की सूची में डाला गया और जिस तरह से वोटर के नाम हटाने में धांधली की गई। और महिलाओं के खाते में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर चुनाव के दिन तक बिहार चुनाव में एनडीए को लाभ पहुंचाने के लिए दस -दस हजार रुपए महिलाओं के खाते में डाले गए। बिहार में 50-50 हजार करोड़ रुपए खजाने से निकालकर वोट खरीदा गया। जो बातें हम लोग पहले से कह रहे थे वो सभी बातें अब सामने आ गई। पहले जहां वोट का रिकॉर्ड एक साल तक रखा जाता था, वही ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने कानून को बदलकर इसे 45 दिन कर दिया ,इसी से स्पष्ट होता है कि इनकी मंशा क्या है, क्योंकि मोदी जी के अनुसार बिहार में वोट का फर्जीवाड़ा किया गया। पिछले 10 महीने में 14 बार मुख्य चुनाव आयोग के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रही है, चुनाव आयोग के चयन के लिए पैनल में पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होते थे लेकिन अब उनके स्थान पर मंत्री को मेंबर बनाया गया। जिस कारण भाजपा अपने मन मुताबिक चुनाव आयोग का चयन करती है।
तेजस्वी ने आगे कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए बिहार में इंडिया गठबंधन का गठन किया गया था। बिहार से ही एसआईआर भाजपा और मोदी- अमित शाह के कहने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने करवाया। बिहार लोकतंत्र की जननी है ,लेकिन बिहार में ही मोदी जी ने लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयोग किया। हम लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष और आंदोलन करेंगे। जब लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब। लोकतंत्र को बचाना आवश्यक है और फर्जीवाड़ा की सरकार जो जनता के वोट की चोरी करके बनी हुई है उस पर लोगों का विश्वास नहीं है।
तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बिहार में लड़ी जाएगी और और चुनाव आयोग के बेईमानी का पर्दाफाश किया जाएगा। बिहार में नरेंद्र मोदी -अमित शाह और चुनाव आयोग के गठजोड़ के खिलाफ दिनांक 07 अक्टूबर 2026 को पूरे राज्य भर में प्रखंड स्तर पर आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। दिनांक 8 अक्टूबर 2026 को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। और उसी दिन पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में सभी विधायक, विधान पार्षद, और पार्टी के नेता पटना सचिवालय के समीप 07, मूर्ति (शहीद स्मारक स्थल) से महामहिम राज्यपाल के समक्ष राज भवन तक लोकतंत्र बचाओ मार्च किया जाएगा।
इन्होंने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया से मिलने का समय लिया जा रहा है और जल्द ही इंडिया गठबंधन के नेता राष्ट्रपति महोदया से मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त और भाजपा के गठजोड़ के संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे। इन्होंने कहा कि बिहार में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ी जाएगी ,क्योंकि बिहार लोकतंत्र की जननी है। और लोकतंत्र बचाने के लिए देशभर में होने वाली 6,7 रैलियों के साथ पटना में भी रैली करवाने का बैठक में फैसला हुआ।
इस अवसर पर बैठक में कांग्रेस की ओर से कपिल देव प्रसाद यादव, भीआईपी की ओर से मुकेश साहनी, सीपीई के सचिव कामरेड रामनरेश पांडे य, सीपीआई माले की ओर से कामरेड धीरेंद्र झा, सीपीआई एम की ओर से कामरेड अजय कुमार, आईईपी की ओर से आई पी गुप्ता, राजद की ओर से आलोक कुमार मेहता, कुमार सर्वजीत पासवान, रणविजय साहू के अलावा संवाददाता सम्मेलन में शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, भीआईपी पार्टी से देव कुमार ज्योति, कांग्रेस से मो हसनैन उपस्थित थे।


