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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज जमुई जिले के चकाई प्रखंड स्थित निर्माणाधीन अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्लांट के निर्माण कार्य एवं परियोजना की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट से मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा।
निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एथेनॉल प्लांट परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड एथेनॉल प्लांट के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि यह परियोजना एशिया के बड़े ग्रेन-बेस्ड एथेनॉल प्लांट्स में से एक है। इसे 105 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। संयंत्र की उत्पादन क्षमता 1000 किलो लीटर प्रतिदिन होगी, जिसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना में 20 मेगावाट की कैप्टिव पावर जेनरेशन सुविधा भी स्थापित की जाएगी, जिससे संयंत्र ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। संयंत्र को प्रतिदिन लगभग 30,000 क्विंटल अनाज की आवश्यकता होगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज के लिए स्थायी एवं भरोसेमंद बाजार उपलब्ध होगा। यह संयंत्र Zero Liquid Discharge (ZLD) प्रणाली पर आधारित होगा, जिससे जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में बताया गया कि जमुई जिले में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं यथा- अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड, अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड (इथिनॉल), सी एल एम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, अंकुर ट्रेडविस्टा प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से लगभग 3400 करोड़ रूपये का निवेश होगा। इन परियोजनाओं से लगभग 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बैठक में चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि के संबंध में भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें स्ट्रैटेजिक रोड, रेल एवं एयर कनेक्टिविटी, वर्कफोर्स एडवांटेज, औद्योगिक विकास की संभावनाएं, प्रोजेक्ट एरिया, कनेक्टिविटी मैप, ग्राउंड वाटर लेवल, डैम लोकेशन तथा रॉ मटेरियल की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। साथ ही जमुई जिले में संचालित विकास योजनाओं की भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 9,000 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसमें करीब 5,000 एकड़ भूमि वन विभाग की तथा 4,000 एकड़ भूमि रैयती एवं अन्य श्रेणी की है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि की 10 से 12 दिनों के भीतर मैपिंग सुनिश्चित कराई जाए, ताकि वास्तविक रूप से वन विभाग की भूमि तथा उस भूमि के कितने क्षेत्र में वर्तमान में जंगल मौजूद है, इसकी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने 4,000 एकड़ रैयती एवं अन्य श्रेणी की भूमि की वास्तविक स्थिति का भी विस्तृत आकलन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में अंचलाधिकारी, डी सी एल आर तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संबंधित अधिकारियों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने 30 अक्टूबर तक चिह्नित भूमि के संबंध में पूरा ब्यौरा एकत्रित कर आगे की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने लछुआर मंदिर एवं गरही डैम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। लछुआर मंदिर में जनसुविधाओं का विस्तार करने तथा श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को थानों में जाकर कार्यप्रणाली की समीक्षा करने को कहा, ताकि थाना स्तर पर कार्यों में और सुधार हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में हर हाल में विधि-व्यवस्था कायम रखी जाए। नशामुक्ति को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने की कार्ययोजना तैयार करने तथा पुलिसिया कार्रवाई एवं प्रशासनिक सक्रियता बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने भीम बांध से लक्ष्मीपुर तथा मुंगेर से गंगटा को जोड़ने वाली सड़कों को दुरुस्त रखने एवं उनकी लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों का आवागमन सुगम बना रहे। उन्होंने जिले में रोप-वे की आवश्यकता का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही कैमूर की तर्ज पर जंगल क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग के क्षेत्र में पूरे बिहार को आगे बढ़ाना है। जमुई जिले को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए यहां औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने हेतु जमीन चिन्हित की गई है। चकाई में बड़ा एथेनॉल प्लांट स्थापित हो रहा है, जिसमें मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को स्किल का हब बनाना है और दुनिया के मानचित्र पर बिहार को स्थापित करने की दिशा में हर प्रकार से कार्य किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पटना से चकाई पहुंचने के क्रम में मुख्यमंत्री ने चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि का हवाई निरीक्षण कर जायजा भी लिया।
इस अवसर पर उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, विधायक सावित्री देवी, विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार, जमुई के जिलाधिकारी नवीन, बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल, निदेशक उद्योग मुकुल कुमार गुप्ता, जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के सी एम डी महेन्द्र शर्मा, निदेशक विशाल शर्मा एवं अन्य संबंधित व्यक्ति भी मौजूद थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।


