पटना: युद्ध की स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आगामी 14 मई को राजधानी पटना समेत बिहार के 5 जिलों में अभ्यास किया जाएगा। इसके तहत राज्य के सभी पांच जिलों में ब्लैक आउट और हवाई हमले का मॉकड्रिल किया किया जाएगा। मॉकड्रिल की तैयारी से संबंधित समीक्षा बैठक शनिवार को डीएम की अध्यक्षता में की गई। इस दौरान डीएम त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास सरकार के निर्देश पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है जिसका उद्देश्य हवाई हमले जैसी स्थिति में प्रशासनिक और राहत बचाव तंत्र की प्रभावशीलता की जांच करना है।

डीएम ने कहा कि यह केवल एक मॉकड्रिल है किसी वास्तविक हमले की स्थिति नहीं। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन की तरफ से जारी गाइडलाइंस को फॉलो करें। वहीं बैठक के दौरान अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) देवेंद्र प्रताप शाही ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से ब्लैकआउट एवं माकड्रिल से संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निर्धारित मानकों के अनुरूप पटना नगर निगम क्षेत्र के साथ नगर परिषद दानापुर निजामत, खगौल एवं फुलवारीशरीफ में भी माकड्रिल आयोजित की जाएगी। मॉकड्रिल के लिए पटना जिला में चार प्रमुख सिमुलेशन स्थल चिह्नित किए गए हैं। इनमें पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और आइजीआइएमएस शामिल हैं। इसके अलावा जिला अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों, परिसरों, भवनों एवं अस्पतालों को भी अभ्यास के लिए चयनित किया गया है।

प्रशासन के अनुसार 13 मई को पटना समाहरणालय में हवाई हमला परिदृश्य पर आधारित टेबल-टाॅप एक्सरसाइज आयोजित होगी। डीएम ने कहा कि 14 मई को निर्धारित समय पर हवाई हमले की चेतावनी स्वरूप दो मिनट तक नागरिक सुरक्षा सायरन बजाया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट लागू होगा। माकड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय, सिविल डिफेंस, विधि-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। पूरे अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और स्थिति की निगरानी की जाएगी।


