लखीसराय में बनेगा 50 लाख डोज सालाना क्षमता वाला फ्रोजन सीमेन स्टेशन। करीब 100 करोड़ रुपये की परियोजना से बिहार में पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने की है तैयारी। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत कॉमफेड और एनडीडीबी के संयुक्त प्रयास से विकसित होगी परियोजना। सेक्स-सॉर्टेड सीमेन से उच्च आनुवंशिक क्षमता वाली मादा संतति को मिलेगा बढ़ावा। उत्तर और दक्षिण बिहार के पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सीमेन की उपलब्धता होगी और बेहतर।
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बिहार में पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता सुधारने और दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए लखीसराय जिले में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक फ्रोजन सीमेन स्टेशन स्थापित किया जाएगा। चानन प्रखंड के गोपालपुर गांव में प्रस्तावित परियोजना स्थल का शनिवार को केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने निरीक्षण किया। स्टेशन में प्रतिवर्ष 50 लाख डोज सीमेन के उत्पादन की क्षमता विकसित करने की योजना है। इसमें सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उत्पादन पर विशेष जोर रहेगा।
भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्वीकृत इस परियोजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉमफेड) करेगा। इसके निर्माण और तकनीकी पहलुओं में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तकनीकी सहयोग देगा। निरीक्षण के दौरान एनडीडीबी के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को परियोजना के साइट लेआउट, निर्माण योजना, तकनीकी संरचना और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी।
सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक के इस्तेमाल से उच्च आनुवंशिक क्षमता और बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली मादा संतति के जन्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य में नस्ल सुधार कार्यक्रम को गति मिलने के साथ भविष्य में पशुधन की गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादकता में सुधार हो सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार के दुग्ध उत्पादक किसानों को आधुनिक पशु प्रजनन तकनीक का व्यापक लाभ मिलेगा। उच्च दुग्ध उत्पादकता वाली मादा संतति के जन्म को बढ़ावा मिलने से राज्य के पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादन में सुधार होगा।
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव तथा कॉमफेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि प्रस्तावित स्टेशन से उत्तर और दक्षिण बिहार के पशुपालकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सीमेन की उपलब्धता मजबूत होगी। आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से पशुपालकों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, एनडीडीबी और कॉमफेड के वरीय अधिकारी तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।


