
बिहार में हर घर से उठेगी महिला उद्यमी! नीतीश सरकार ने लॉन्च की ऐतिहासिक योजना। महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान! हर घर की महिला बनेगी उद्यमी, 10000 मिलेगी पहली किस्त। पलायन पर लगेगा ब्रेक! बिहार सरकार की ‘महिला रोजगार योजना’ से हर घर में जगेगी उद्यमिता। बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत, नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, ‘हर घर से एक महिला उद्यमी’
पटना: बिहार के हर घर में एक महिला उद्यमी तैयार होगी! जी हां, ये कोई गप नहीं है। आज इसकी रूप रेखा और सीएम नीतीश कुमार के इस विजन का ऐलान कर दिया गया है। जो बिहार की अर्थव्यवस्था को नई ताकत तो देगा ही बल्कि बिहार से पलायन की मजबूरी भी खत्म कर देगा। आज कैबिनेट की बैठक में इस नीति को अमली जामा पहना दिया गया है।

हर घर से उद्यमी महिला आएंगी
शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत हर घर से एक महिला को उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कदम को बिहार की महिलाओं के लिए अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है अब कदम से न केवल पलायन रुकेगा बल्कि हर घर से उद्यमी महिलाएं निकलती नजर आएंगे।
10000 रुपये की पहली किस्त मुफ्त!
इस योजना की शुरुआत इसी सितंबर 2025 से हो जाएगी। इसके तहत महिलाओं को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। यह अनुदान के रूप में होगा। जिसे रोजगार करने वाली महिलाओं को लौटाने की भी आवश्यकता नहीं होगी। रोजगार शुरू करने के छह माह बाद उनके काम का आकलन किया जाएगा। यदि वो एक सफल उद्यमी के बनने में सफल हुईं तो ऐसी महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि भी दी जा सकेगी।
ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस योजना के सफल संचालन के लिए ग्रामीण विकास विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए गांव से लेकर शहर तक हाट-बाजार विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। जिसका फायदा उद्यमी महिलाओं को सीधे तौर पर मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : सीएम नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा महत्वपूर्ण होने वाला है। यह योजना अब तक का सबसे बड़ा कदम होगा। सीएम नीतीश कुमार का मानना है कि हर घर से एक महिला उद्यमी तैयार होगी तो बिहार की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी और पलायन की मजबूरी भी कम होगी।